| دل ميرود ز دستم صاحب دلان خدا را |
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| دردا كه راز پنهان خواهد شد آشكارا |
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| كشتي شكستگانيم اي باد شرطه برخيز |
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| باشد كه بازبينيم ديدار آشنا را |
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| ده روزه مهر گردون افسانه است و افسون |
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| نيكي به جاي ياران فرصت شمار يارا |
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| در حلقه گل و مل خوش خواند دوش بلبل |
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| هات الصبوح هبوا يا ايها السكارا |
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| اي صاحب كرامت شكرانه سلامت |
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| روزي تفقدي كن درويش بينوا را |
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| آسايش دو گيتي تفسير اين دو حرف است |
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| با دوستان مروت با دشمنان مدارا |
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| در كوي نيك نامي ما را گرر ندادند |
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| گر تو نميپسندي تغيير كن قضا را |
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| آن تلخ وش كه صوفي ام الخبائثش خواند |
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| اشهي لنا و احلي من قبله العرارا |
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| هنگام تنگدستي در عيش كوش و مستي |
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| كاين كيمياي هستي قارون كند گدا را |
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| سركش مشو كه چون شمع از غيرتت بسوزد |
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| دلبر كه در كف او موم است سنگ خارا |
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| آيينه سكندر جام مي است بنگر |
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| تا بر تو عرضه دارد احوال ملك دارا |
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| خوبان پارسي گو بخشندگان عمرند |
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| ساقي بده بشارت رندان پارسا را |
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| حافظ به خود نپوشيد اين خرقه مي آلود |
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| اي شيخ پاكدامن معرور دار ما را |
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